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मदिरा मानव और समाज के लिये एक अभिशाप....

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  मदिरा मानव और समाज के लिये एक अभिशाप.... हमारे देश का अतीत गौरवशाली रहा है लेकिन वर्तमान में आडंबर व दिखावा हावी होता जा रहा है l जिसमें देश की आवाम पिसती जा रही है l जिस प्रकार राजस्व के लिए सरकारों ने जगह-जगह शराब की दुकानें खुलवा रखीं हैं , उस पर भी चिंता करने की आवश्यकता है। जब तक सरकारों की मौजूदा नीतियां कायम रहेंगी ,   तब तक शराब की लत की चपेट में आने से लोगों को नहीं बचा सकते l अगर हर गलीनुक्कड़ पर शराब की दुकानें खोल देंगे , तो लोग ज्यादा सेवन करेंगे ही l इस दिशा में जागरूकता लाने के लिए “ शराबबंदी संघर्ष समिति ” संयुक्त रूप से प्रयास कर रही है l वर्षों से समाज को अपना उल्लेखनीय योगदान देने वाले “ शराबबंदी संघर्ष समिति ” के अध्यक्ष जनाब मुर्तजा अली की सेवा प्रंशसनीय और अनुकरणीय है l   “ शराबबंदी संघर्ष समिति ” की हमेशा यही कोशिश रही है कि और व्यापक रूप से समाज को अपनी सेवाएं दें सकें l अगर ध्यान दिया जाये तो मोदी सरकार ने देशहित में कई अहम निर्णय लिये हैं पर शराबबंदी से सम्बन्धित कोई ठोस निर्णय नहीं लिया l लेकिन जो देशहित में निर्णय लिए गये उन निर्णयों का...

अखियों से अंखियों ने कह दी....

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  अखियों से अंखियों ने कह दी , दिल की मीठी मीठी बतियां l बिन बोले सब कह जाती हैं,   मरी निगोड़ी चंचल अखियां ।l अखियों की इस मृदुभाषा को , समझे प्रिय की सुरमई अखियां । पल में रोती , पल में हंसती ,   हैं निश्चल सी बैरन ये अखियां ।l सांझ ढले ही व्याकुल होकर , राह निहारे बेबस अंखियां । प्रेम सुधा रस भरके रमणी , प्रेम ग्रंथ   को पढ़ गईं अखियां ll कभी ओढ़ती कभी बिछाती , गजल की राग हैं गातीं अंखियां । इक जंगल सा इन अखियों में , मीठे स्वप्न जगाती अखियां ।l कभी दुआ सी , कभी अदा सी , हैं झील कंवल सी उन्मुक्त अखियां l झुकके, उठके हया बनीं, उठके झुकती सदा बन जाती अंखियांl ll झुकी निगाहें , उठी निगाहें ,   अपने रंग दिखाती अंखियां । अखियों से जब मिलती अंखियां , डूब डूब उतराती अंखियां ।l सागर से गहरी बन अंखियां , प्रीत में गोता खातीं अंखियां l अंखियों में भर भरकर मदिरा , प्रेम का जाम पिलाती अंखियां ll   सुनीता दोहरे प्रबंध सम्पादक/इण्डियन हेल्पलाइन न्यूज़  महिला अध्यक्ष/शराबबंदी संघर्ष समिति   

बाढ़ पीड़ितों को मदद देने की हर संभव कोशिश : शराबबंदी संघर्ष समिति

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बाढ़ पीड़ितों को मदद देने की हर संभव कोशिश : शराबबंदी संघर्ष समिति... विदित हो कि देश के कुछ हिस्सों जैसे केरल , आसाम , बिहार , महाराष्ट्र में भीषण बाढ़ की वजह से जन जीवन प्रभावित हुआ है परन्तु सरकारी मदद कुछ क्षेत्रों में अनदेखी कर नहीं भेजी गई थी l जिससे वहां के लोग भुखमरी के कगार पर हैं । ऐसे लोगों की मदद के लिये दिनांक 24 अगस्त को शराबबंदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष जनाब मुर्तजा अली और हज़रत मौलाना ख़ालिद रशीद साहब इमाम ईदगाह की सदारत में एक आवश्यक बैठक विभिन्न प्रदेश में आई बाढ़ के सिलसिले में आयोजित की गई थी l जिसमें मुख्य अतिथि राजेंद्र सिंह बग्गा सहित कई सभ्रांत व्यक्ति मौजूद थे । इस बैठक में शहर के तमाम प्रतिष्टित लोगों ने शिरकत की और बाढ़ आपदा से निपटने के लिए अपनी राय से अवगत कराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना मुश्ताक साहब ने की थी । टीम लखनऊ के अध्यक्ष जनाब मुर्तज़ा अली ने बैठक को संबोधित करते हुए शहर के तमाम लोगों से अपील की थी l कि सभी लोग बढ़ चढ़कर बाढ़ पीड़ितों की मदद करें । टीम लखनऊ के सरपरस्त मौलाना ख़ालिद रसीद फिरंगी महली , सरदार राजेन्द्र सिंह बग्...

किशोरियों की व्यक्तिगत स्वच्छता बेहद अहम...

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किशोरियों की व्यक्तिगत स्वच्छता  बेहद अहम... आज के दौर में लडकियाँ हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिला कर देश के विकास में अपना योगदान दे रही हैं। फिर भी वे आज अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं है या फिर उन्हें उम्र के पड़ाव पर पूरी जानकारी नहीं होती। जिसके कारण किशोरियों के मन में गलत भ्रांतियां घर कर जाती है और देखा तो यहां तक गया कि कई किशोरियां डिप्रेशन की शिकार तक हो जाती हैं। साथ ही उन्हें छुआछूत के दायरे में बांध दिया जाता है। इस मिथक को तोड़ने के लिए एवं प्यारी बेटियों के मुस्कान को सुरक्षित रख कर उन्हें बेहतर वातावरण देने के लिए शारीरिक स्वच्छता के साथ-साथ शौचालय बहुत आवश्यक है l जब बच्चियां बाल्यावस्था से किशोरावस्था में प्रवेश करती हैं , तो यह समय उनके लिए बेहद अहम रहता है। हार्मोनल चेंजेस के कारण वे महत्वपूर्ण शारीरिक बदलाव के दौर से गुजरती हैं। जिसका सीधा असर उनके कोमल मन पर पड़ता है। माहवारी शुरू होने पर अधिकांश बच्चियां संकोच के कारण मां से इस विषय पर खुलकर चर्चा नहीं करती हैं। लड़कियों के लिए पीरियड्स एक बहुत ही निजी मामला है। जिसके बारे में हम कभी न तो किसी ...